अब स्कूलों में फोटो से होगी गुरुजी की पहचान

स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों को पहचानना अब आसान हो सकेगा। साथ ही खुद स्कूल न जाकर दूसरे से बच्चों को पढ़वाने के खेल पर भी शिकंजा कसता दिख रहा है। इसके लिए परिषदीय स्कूलों की दीवारों पर शिक्षकों की तस्वीर चस्पा करने और उनकी शैक्षिक योग्यता अंकित किए जाने के आदेश दिए गए हैं।

परिषदीय स्कूलों में शिक्षा के स्तर को लेकर विभाग गंभीर हो गया है। स्कूल से गैरहाजिर रहकर ठेके पर पढ़वाने वाले शिक्षकों पर एक जुलाई से शिकंजा कसने की तैयारी कर ली गई है। इसके लिए प्राथमिक तथा पूर्व विद्यालयों में शिक्षकों के फोटोग्राफ सूचना पट्ट पर लगाए जाएंगे, ताकि अभिभावक, शिक्षक और अधिकारी आसानी से उन्हें पहचान सकें। साथ ही शिक्षकों के नाम, मोबाइल नंबर भी अंकित रहेगा।

अनुपालन के लिए ग्रेड के अनुसार शिक्षकों का छाया चित्र सूचना पट्ट पर चिपकाने को कहा गया है। इससे पहचान आसान होने के साथ ही स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। इसके अलावा विद्यालयों में सूचना पट्ट पर वरीयता क्रम में सभी शिक्षकों का रंगीन फोटो लगाए जाने का निर्देश दिया गया। इसमें फोटो के अलावा शिक्षक का नाम, पता, पद का नाम तथा मोबाइल नंबर अंकित रहेंगे।

अब नहीं चल पाएंगे नकली शिक्षक विद्यालयों के बच्चे अपने ही स्कूल में कार्यरत सभी शिक्षकों को ठीक से पहचानते तक नहीं है। कई जगहों पर असली की जगह नकली शिक्षक से पठन-पाठन का कार्य करवाया जा रहा है। गुरुजी की सारी जानकारी सहित तस्वीर स्कूल में लगाए जाने के बाद अभिभावकों व विद्यार्थी को अपने-अपने स्कूलों में शिक्षकों की पहचान हो सकेगी।

सरकारी स्कूलों सूचना पट्ट पर उस स्कूल के प्रधान शिक्षक सहित वरीयता के अनुसार सभी शिक्षकों का नाम-पता, डिग्री की जानकारी, रंगीन तस्वीर आदि लगाने का निर्देश दिया गया है। ताकि स्कूल के विद्यार्थी, अभिभावक और अधिकारी शिक्षकों को आसानी से पहचान सकें। साथ ही स्कूल से गायब रहने, फर्जी शिक्षकों की जानकारी व समय रहते लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई की जा सके। -मुकेश कुमार सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, निंदूरा, बाराबंकी।

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