बीएड में खाली रह गईं 40 हजार सीटें

सूबे में बीएड कॉलेजों में इस बार 40 हजार सीटें खाली रह गई हैं। कॉलेजों में 53 हजार के लगभग खाली सीटों को भरने के लिए हुए सीधे दाखिले में भी केवल 15 हजार के आसपास सीटें ही भर पाईं। फिलहाल अब दाखिले की प्रक्रिया खत्म हो गई है और यह 40 हजार सीटें इस सत्र में खाली ही रहेंगी।

बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा के राज्य समन्वयक प्रो. एनके खरे ने बताया कि सीधे दाखिले में लगभग 15 हजार सीटें ही भरने का अनुमान है। अभी तक भरी सीटों में से तीन हजार सीटों का वेरीफिकेशन किया जा चुका है और शेष 12 हजार सीटों पर वेरीफिकेशन की प्रक्रिया जारी है। बीएड कॉलेजों को सीधे दाखिले से सीटें भरने के लिए सिर्फ दो दिन का समय ही दिया गया था।

ऐसे में जितनी सीटें भर पाईं वह भरी, बाकी अब खाली रहेंगी। प्रो. एनके खरे ने बताया कि सीधे दाखिला लेने के लिए कॉलेजों को 14 जुलाई और 15 जुलाई का समय दिया गया था। कॉलेजों को 15 जुलाई की रात 12 बजे भरी सीटों का ब्योरा ईमेल के माध्यम से कॉलेजों को भेजना था।

जानकारी भेजने पर दाखिला स्वत: निरस्त किए जाने का प्रावधान है। बीएड काउंसिलिंग में पहले 1.44 लाख सीटें थी, इसे काउंसिलिंग के बीच में कॉलेजों द्वारा सब्जेक्ट चेंज करने और कानूनी पक्ष रखने पर धीरे-धीरे करके बढ़ाया गया।

एमएड की काउंसिलिंग 25 से  लविवि व डिग्री कॉलेजों में एमएड कोर्स में दाखिले के लिए प्रवेश काउंसिलिंग 25 व 26 जुलाई को होगी। इसके लिए लविवि में काउंसिलिंग सेंटर बनाया गया है। काउंसिलिंग सुबह नौ बजे शुरू होगी। प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्र ने बताया कि काउंसिलिंग छह चरणों में पूरी होगी। विद्यार्थी को सुबह नौ बजे काउंसिलिंग सेंटर पर रिपोर्ट करना होगा।

दूसरे चरण में डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन होगा, तीसरे चरण में जीरो फीस वेरीफिकेशन होगा, चौथे चरण में सब्जेक्ट एलाटमेंट होगा, पांचवें चरण में फीस जमा होगी और छठे व अंतिम चरण में स्टूडेंट को एलाटमेंट लेटर दिया जाएगा। काउंसिलिंग में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की बायोमीटिक उपस्थिति दर्ज की जाएगी।

 

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