कौशल विकास से शुरू होगी पहली क्लास

बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित स्कूलों में अभिव्यक्ति कौशल विकास से पीरिएड की शुरुआत होगी। इसके बाद दूसरे पीरिएड में गणित पढ़ाया जाएगा। जिसके बाद अन्य विषय पढ़ाए जाएंगे। पाठ्यक्रम का विभाजन करते हुए बीएसए ने एक जुलाई से इसी आधार पर शिक्षण कार्य करने का निर्देश दिया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को मॉनीटरिंग का निर्देश दिया गया है।

जुलाई से परिषदीय स्कूलों का संचालन शुरू होगा। इसके लिए व्यवस्था बननी चालू हो गई है। सुबह छात्र आराम में रहते हैं। दिमाग भी स्थिर रहता है। इसको लेकर नवागत बीएसए ने स्कूलों में पहला पीरिएड भाषा शिक्षण के लिए निर्धारित किया है। जिसमें छात्रों को श्रवण, पठन एवं लेखन के साथ ही दक्षताओं के विकास के संबंधित पाठ पढ़ाया जाएगा। प्रथम पीरिएड में ही सुलेख, श्रुतलेख, एकल वाचन, समूह वाचन, हस्तलेख, वर्तनी, शब्द ज्ञान व अभिव्यक्ति कौशल विकास को भी पढ़ाने का निर्देश दिया गया है।

इसके लिए साप्ताहिक कार्यक्रम बनाने का निर्देश दिया गया है। ताकि छात्र विषयों के साथ सामाजिक बारीकियों को भी समझ सकें। गणित को भी प्रमुखता दी गई है। इसके लिए दूसरे घंटे में इसकी पढ़ाई कराई जाएगी। विषयों को सरल ढंग से प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। जिससे बच्चों को आसानी से समझ में आ सके।

शिक्षण कार्य में अध्यापकों का सहयोग करने के लिए सह समन्वयकों को जिम्मेदारी दी जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों का भ्रमण कर शिक्षण कार्य की मॉनीटरिंग करने का निर्देश दिया गया है। ताकि किसी प्रकार से लापरवाही न हो और बच्चों को बेहतर तरीके शिक्षा मिल सके।

व्यवस्थाछात्रों को पढ़ाने का मतलब केवल किताब में दिए गए पाठ्यक्रमों को ही पढ़ाना नहीं है। उन्हें पढ़ने, लिखने, संवाद करने के साथ ही क्या बोलना है और कहां बोलना है इसकी भी जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए पहले पीरिएड को इसी पर केंद्रित करके पढ़ाने का निर्देश दिया गया है। उसके बाद गणित व अन्य विषय पढ़ाने के लिए कहा गया है।1संतोष कुमार देव पांडेय, बेसिक शिक्षा अधिकारी गोंडा

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