राजकीय विद्यालयों को प्राइवेट अध्यापक रखने की छूट

गोंडा: अध्यापकों की कमी से जूझ रहे माध्यमिक शिक्षा विभाग ने निजी शिक्षकों से शिक्षण कार्य कराने की छूट दी है। उपचारात्मक शिक्षण विधा के तहत प्रधानाचार्य अध्यापक रख सकते हैं। इन्हें विभाग दो हजार रुपये मानदेय देगा। राजकीय विद्यालयों के बगल तैनात अध्यापक से कार्य लिया जा सकता है। सेवानिवृत्त शिक्षक को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए निर्देश जारी किया जा चुका है।

माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत पढ़े चलो, बढ़े चलो कार्यक्रम चलाया जा रहा है। यहां कई उच्चीकृत राजकीय विद्यालय एक व दो अध्यापकों के सहारे संचालित हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा दे पाना मुश्किल हो रहा है। भाषा, अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषय के अध्यापक नहीं हैं। जिससे परिषद द्वारा निर्धारित शैक्षिक पंचांग के हिसाब से शिक्षण कार्य करने में दिक्कत हो रही है।

अध्यापकों को कमी को देखते हुए शासन ने निजी शिक्षकों से शिक्षण कार्य कराने का अनुमति दी है। जूनियर विद्यालय में तैनात अध्यापक मूल स्कूल में सेवा देकर शिक्षण कार्य कर सकते हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय से सेवानिवृत्त अध्यापक भी पढ़ाने के उपयुक्त माने गए हैं। इन्हें मानदेय दिया जाएगा। शिक्षकों को 45 दिन पर दो हजार रुपए मानदेय मिलेगा।

शैक्षिक उन्नयन के लिए उपचारात्मक शिक्षण के तहत प्रधानाचार्यों को प्राइवेट अध्यापक रखने की छूट दी गई है। इन्हें मानदेय का भु्गतान किया जाएगा। किसी को दिक्कत नहीं होगी। राम खेलावन वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक गोंडा

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