अभ्यर्थियों के दावे से TET 2017 का मूल्यांकन कठघरे में

इलाहाबाद : रविवार 15 अक्टूबर को हुई UPTET 2017 की परीक्षा का परिणाम अभी बाकि है, अगर परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के द्वारा जो उत्तरमाला जारी की गई है उस पर TET candidates का दावा ठीक बैठा तो primary and upper primary level examinations की परीक्षाओं का मूल्यांकन कठघरे में होगा। परीक्षा करने वाली संस्था की ओर से जारी की गई website पर TET candidates ने आपत्ति भेजने की तैयारी कर ली है। अभ्यर्थियों को यही कहना है कि उनको TET 2017 exam मैं सही अंक नहीं मिले तो वो न्यायालय की शरण मेइओन जा सकते है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षाओं की परीक्षाओं में चार-चार प्रश्नों के जवाब गलत होने की बात अभ्यर्थी कह रहे हैं।

Examination Regulatory Authority office, Upra, Allahabad 15 अक्टूबर को हुई TET 2017 का परिणाम तैयार करने लगा हुआ है, जबकि website पर परीक्षा की उत्तरमाला बुधबार को जारी हो चुकी है। जारी उत्तरमाला से लाखों अभ्यर्थी मिलान कर अपना मूल्यांकन खुद ही कर चुके हैं।कई अभ्यर्थियों ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर विकल्प के अनुसार मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों की ओर से सही माने गए उत्तर को गलत ठहराया है। उच्च प्राथमिक स्तर के प्रश्नपत्र सेट ए में प्रश्न संख्या 40, 41, 53 और 107 के सही जवाब उत्तरमाला के हिसाब से गलत होने का दावा किया जा रहा है।

विशेष कर प्रश्न संख्या 40 में ‘बिनु पग चलै सुनै बिनु काना, कर बिनु कर्म करै विधि नाना’ में प्रयुक्त अलंकार को परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की ओर से जारी उत्तरमाला में उत्तर विकल्प तीन यानी असंगति बताया गया है। अभ्यर्थियों के अनुसार इसका उत्तर विभावना अलंकार होगा। प्रश्न संख्या 41 में ‘मुई’ तत्सम के रूप के उत्तर को मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों ने उत्तर विकल्प दूसरा यानी ‘सूचि’ बताया है जबकि अभ्यर्थी उत्तर विकल्प चार यानी सूची को सही करार दे रहे हैं। सेट ए के ही प्रश्न संख्या 53 और 107 के उत्तर को भी उत्तरमाला में गलत ठहराया गया है।

उधर doorasth BTC shikshak Association की ओर से भी प्राथमिक स्तर की परीक्षा में भी चार प्रश्नों के उत्तर, उत्तरमाला में गलत होने का दावा दावा किया है। मगर अभ्यर्थियों ने अभी अप्पतियों को वेबसाइट पर नहीं भेजा है लेकिन, उनका कहना है कि परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने उन्हें सही अंक न दिए तो न्यायालय की शरण लेंगे। Reference- Dainik Jagran

पढ़ें- UPTET 2017 में सिलेबस के बाहर पूछे गए प्रश्न – प्रदीप पाल

Evaluation of TET-2013 by the claims of candidates in the tribunal

0 Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.