58 साल वालों का ऐच्छिक तबादला

58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को तबादलों में वरीयता दी जाएगी। उन्हें उनकी इच्छानुसार गृह जिले या मनपसंद स्कूल में तैनाती दी जाएगी। वहीं यदि किसी शिक्षक के पति/पत्नी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हों तो उन्हें भी तबादले में वरीयता दी जाएगी। राजकीय शिक्षकों के तबादले भी गुणवत्ता अंक के आधार पर किए जाएंगे। तबादलों के लिए जिले को तीन जोन में बांटा जाएगा।

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए स्थानांतरण नीति का प्रारूप तैयार कर लिया है जिस पर कैबिनेट की अगली बैठक में मुहर लग सकती है। स्थानांतरण नीति का जो प्रारूप तैयार किया गया है, उसके मुताबिक पहले राजकीय शिक्षकों का समायोजन होगा, उसके बाद तबादले। समायोजन के तहत छात्र संख्या के आधार पर जिन विद्यालयों में शिक्षक सरप्लस हैं, उन्हें उन विद्यालयों में भेजा जाएगा, जो अध्यापकों की कमी से जूझ रहे हैं।

समायोजन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की रिक्तियां वेबसाइट पर अपलोड की जाएंगी। तबादले के लिए शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। स्थानांतरण के लिए शिक्षकों को विद्यालयों के विकल्प देने होंगे। शिक्षकों का तबादला गुणवत्ता अंक के आधार पर किया जाएगा। दिव्यांग शिक्षकों के लिए 10 अंक होंगे। वहीं असाध्य रोगों से स्वयं या परिवारीजनों के पीड़ित होने पर भी शिक्षकों को 10 अंक दिए जाएंगे।

राष्ट्रपति और राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक के लिए 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा हर शिक्षक को उसके सेवाकाल के प्रत्येक वर्ष के लिए एक अंक दिया जाएगा। तबादले के लिए प्रत्येक जिले को तीन जोन में बांटा गया है। जोन-1 के तहत शहरी क्षेत्र, जोन-2 के तहत तहसील मुख्यालय से दो किमी के दायरे में आने वाला इलाका शामिल होगा। वहीं जोन तीन के अंदर जिले का शेष क्षेत्र आएगा। शिक्षक के गुणवत्ता अंक और उसके द्वारा दिए गए विकल्पों के आधार पर उसका तबादला किया जाएगा।

राज्य सूचना आयोग द्वारा सख्ती बरते जाने के बाद शिक्षा विभाग ने मुरादाबाद के अंबिका प्रसाद इंटर कॉलेज में भर्ती किए गए पांच शिक्षकों की नियुक्तियां रद कर दी हैं। इन शिक्षकों की नियुक्तियां अनुसूचित जाति व पिछड़े वर्ग के कोटे के सापेक्ष की गई थी। सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान के नोटिस पर हाजिर हुए कॉलेज के प्रधानाचार्य ने यह जानकारी आयोग को दी।

मुरादाबाद निवासी पवन अग्रवाल ने राज्य सूचना आयोग को लिखित जानकारी दी कि जिला विद्यालय निरीक्षक और अंबिका प्रसाद इंटर कॉलेज के प्रबंध तंत्र ने 20-20 लाख रुपये लेकर एससी व ओबीसी कोटे में पांच शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियां की हैं। वादी ने बताया कि मुरादाबाद के संयुक्त शिक्षा निदेशक से सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत इस बाबत जानकारी मांगी गई लेकिन, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर आयोग ने संयुक्त शिक्षा निदेशक को 30 दिन में नियुक्तियों से संबंधित सभी अभिलेख आयोग में पेश करने का आदेश दिया।

नोटिस के जवाब में मुरादाबाद से प्रधानाचार्य अब्दुल सत्तार ने आयोग में हाजिर होकर बताया कि कॉलेज के प्राइमरी अनुभाग में पांच पदों पर की गई अंजू रुहेला, राजीव यादव, रमेशचंद्र, रविंद्र सिंह व राम किशोर सिंह की नियुक्ति में पारदर्शिता न होने और चयन प्रक्रिया दूषित होने के कारण सभी चयन निरस्त कर दिए गए हैं।’गुणवत्ता अंक के आधार पर होंगे तबादले, जिले तीन जोन में बंटेंगे1’ पहले शिक्षकों का समायोजन होगा उसके बाद तबादला

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