सॉल्वर गैंग के खातों से ऑनलाइन लेन-देन

मुरादाबाद : यूपीटीईटी में पेपर लीक और प्रश्नपत्र हल करने के लिए करीब आठ गैंग सक्रिय थे। माना जा रहा है कि कई खातों में ऑनलाइन लेन-देन भी हुआ है। एसटीएफ और यूपी पुलिस की संयुक्त टीमें बैंक अकाउंट खंगाल रही है। गिरोह के सरगना तक पहुंचने की कोशिश की जा रही हैं।

रविवार को यूपीटीईटी में एसटीएफ की टीमों ने पूरे प्रदेश में छापामारी कर 43 सॉल्वरों को पकड़कर जेल भेज दिया हैं। मुरादाबाद में छह सॉल्वर पकड़े गए, जबकि बिजनौर में एक सॉल्वर को गिरफ्तार किया।

बिजनौर में पकड़े गए सॉल्वर राकेश के कब्जे से एक लाख की रकम भी बरामद की गई। साथ ही मुरादाबाद में पकड़े गए सॉल्वरों से 24 हजार की रकम बरामद हुई थी। सबसे अहम बात यह है कि यूपीटीईटी की पूरी परीक्षा का ठेका लेने पर कई अभ्यर्थियों से सॉल्वर गैंग ने अपने खातों में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर भी कराई है।

एसटीएफ की टीम मानकर चल रही है कि ऑनलाइन तरीके से रकम का ट्रांजक्सन हुआ है। अभी तक जो एकाउंट जांच एजेंसी के सामने आए है, वो फर्जी आइडी पर खोले गए थे। एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया कि है कि प्रदेश भर में सॉल्वर के आठ गिरोह काम कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों के साथ भी हुई ठगी : सॉल्वर गैंग के नाम पर कुछ फर्जी युवकों ने अभ्यर्थियों के साथ ठगी भी की है, एसटीएफ की जांच में सामने आया कि अभ्यर्थियों से रकम वसूली के बाद इंटरमीडिएट पास छात्रों को बतौर सॉल्वर बनाकर टीईटी परीक्षा में बैठा दिया गया था।

मुरादाबाद के महाराजा होटल से पकड़े गए सॉल्वर मिथलेश पुत्र दामोदार यादव निवासी कैराकादो पोस्ट सेहजना थाना गिदौर जमूई बिहार और शिप्पू कुमार उर्फ सरदारी पुत्र राजेंद्र यादव निवासी रान्हन थाना सिकन्दरा जिला जमूई, बिहार, जो इंटरमीडिएट पास है। कुछ ठगों ने अभ्यर्थियों से रकम वसूली के बाद उन्हें सॉल्वर बनाकर बैठाया जा रहा था।.

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