डीआइओएस को इधर से उधर करने की तैयारी

माध्यमिक शिक्षा महकमे में विभागीय पदोन्नति के बाद अफसरों का फेरबदल होना है। कुछ दिन पहले मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक यानी जेडी की डीपीसी हुई है। बारह दावेदारों में से पांच अफसरों की पदोन्नति होने की सूचना है, जबकि सात अफसर अलग वजहों प्रमोशन नहीं पा सके। अब जिला विद्यालय निरीक्षकों के इधर से उधर होने की तैयारी शुरू हो गई है। निदेशालय से सभी की चरित्र पंजिका मांगी गई है।

माध्यमिक शिक्षा विभाग में जेडी की पदोन्नति करीब एक साल बाद हुई है। पिछले दिनों बस्ती में तैनात संतराम सोनी, माध्यमिक शिक्षा परिषद के मेरठ कार्यालय के अपर सचिव संजय यादव, शिविर कार्यालय से संबद्ध सुरेंद्र तिवारी, डायट प्राचार्य अजय कुमार द्विवेदी और सुलतानपुर के जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य अरविंद पांडेय को पदोन्नति के योग्य पाया गया है। वहीं, ओपी द्विवेदी, प्रताप सिंह बघेल, विष्णु श्याम द्विवेदी, अखिलेश पांडेय के विरुद्ध कदाचार की जांच चल रही है।

इलाहाबाद के कार्यवाहक जेडी अनिल भूषण चतुर्वेदी की चरित्र पंजिका अपडेट नहीं मिली, बालेंदु भूषण की अर्हता पूरी न होने और विनीता बौद्ध के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव होने के कारण उन्हें पदोन्नति से दूर रखा गया है। शासन स्तर पर हुई इस प्रक्रिया की महकमे के हर अफसर को जानकारी है लेकिन, अब तक वरिष्ठ अधिकारियों ने इस संबंध में औपचारिक पत्र जारी नहीं किया है। इससे उहापोह भी है।

पदोन्नति पाने और डीपीसी से दूर रखे गए अफसरों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं है। कुछ ऐसे अफसरों का प्रमोशन हुआ है, जिन्होंने पद पर रहते हुए अकूत संपत्ति अर्जित की। उनकी तमाम जांच हुई लेकिन, उसे भी अपने पक्ष में करवाने में वह सफल रहे हैं।

कुछ ऐसे अफसर भी हैं, जिनका आचरण व कार्य बेहतर रहा है लेकिन, मामूली कमियों के कारण उन्हें पदोन्नति से दूर कर दिया गया। जेडी के बाद अब शिक्षा निदेशक माध्यमिक अमर नाथ वर्मा ने अब जिला विद्यालय निरीक्षकों की चरित्र पंजिका मांगी है। प्रदेश में ‘क’ वर्ग में डीआइओएस के दावेदारों की संख्या 159 है। इनमें से 40 अफसरों की चरित्र पंजिका महकमे में पहले भेजी जा चुकी है, अब बाकी 119 की सूचना जल्द ही भेजी जाएगी।

गुणांक बनेगा तैनाती का आधार : जिला विद्यालय निरीक्षक हो या फिर अन्य अफसर सभी की चरित्र पंजिका में हर साल प्रविष्टि होती है। अफसरों की पंजिका में हर साल बहुत अच्छा, अच्छा, सामान्य, खराब, बहुत खराब जैसे शब्द लिखे जाते हैं। इसे एक से पांच अंकों में बांट दिया गया है। मसलन बहुत अच्छा है तो पांच अंक, अच्छा तो चार अंक। इस तरह से पिछले दस साल में अफसरों की चरित्र पंजिका गुणांक क्या कह रहा है यह भी फेरबदल में देखा जाएगा।

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