पूरी ही बेदर्दी से तोड़े गए सहायक अध्यापक भर्ती के नियम

योगी सरकार की पहली सबसे बड़ी परीक्षा। प्रक्रिया के लिहाज से अनूठी शिक्षक भर्ती। इसमें जितने उम्दा नियम तय हुए, उतनी ही बेदर्दी से उन्हें तोड़ा गया। ये साबित करने के लिए उस अनुसूचित जाति की सोनिका का नाम लें, जिसकी कॉपी ही बदल गई या अंबेडकर नगर के अंकित वर्मा की दास्तां लिखें जिसे रिजल्ट में अंक मिले और उत्तरपुस्तिका में 2 अंक दर्ज थे। या फिर उन मो. साहून व मीना देवी का जिक्र करें जो परीक्षा में बैठे बिना ही उत्तीर्ण हो गए।

सहायक अध्यापक भर्ती की खामियों की लिस्ट बहुत लंबी है। वहीं, शिक्षक बनने को आतुर अभ्यर्थियों की लंबी फेहरिस्त भी है, जिन्होंने रात-दिन मेहनत करके पढ़ाई की व पूरे मनोयोग से इम्तिहान दिया लेकिन, रिजल्ट ने उनके सारे सपने बिखेर दिए। परीक्षा संस्था कार्यालय पर जुटने वाली भीड़ के चेहरे पर आक्रोश और दिल का दर्द साफ पढ़े जा सकते थे। छटपटाहट की वजह यही थी कि उन्हें बताया गया कि अब स्क्रूटनी और कॉपियों की दोबारा जांच नहीं हो सकती। एक दिन बाद साफ हुआ कि परीक्षा शुल्क से कई गुना अधिक का डिमांड ड्राफ्ट देकर कॉपियां देख सकते हैं। युवाओं ने किसी तरह दो हजार रुपये जुटाकर बड़ी संख्या में दावेदारी की, जो पैसे का इंतजाम न कर पाए वह प्रत्यावेदन देकर ही जांच की मांग उठाते रहे। इतने पर भी उन्हें कॉपी नहीं दिखाई गई तो कोर्ट का सहारा लिया गया।

अब तक जितने मामले सामने आए हैं वह सब कोर्ट के आदेश पर कॉपियां पाने वाले हैं, सामान्य अभ्यर्थी अब भी कॉपी मिलने की राह देख रहे हैं। माना जा रहा है कि बाकी कॉपियों में दफन बड़े राज आगे खुलेंगे। परीक्षा परिणाम की खामियों के बीच भर्ती के लिए चयन में मनमानी शैली अपनाई गई। 68500 शिक्षक भर्ती के शासनादेश को दरकिनार करके परीक्षा में सफल 41556 अभ्यर्थियों को ही चयन का आधार बनाया गया। इससे दूसरा झटका परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 67 अभ्यर्थियों को लगा। बवाल मचने पर मुख्यमंत्री ने खुद प्रकरण का संज्ञान लिया, तब चयन मानक दुरुस्त हुआ। दो चयन सूची बनने से जिला आवंटन गड़बड़ा गया।

अधिक मेरिट वाले दूर के जिले में व कम अंक पाने वालों को अपना गृह जिला मिल गया।इससे पहले सीएम के हस्तक्षेप पर भर्ती की लिखित परीक्षा हुई, इम्तिहान में सबको साथ लेने के लिए उत्तीर्ण प्रतिशत कम किया गया। हालांकि कोर्ट ने उसे नहीं माना। परीक्षा में उत्तरकुंजी जारी करने, हर अभ्यर्थी को कार्बन कॉपी मुहैया कराने जैसे इंतजाम रिजल्ट और चयन सूची की भेंट चढ़ गए। अब जिस तरह से उच्च स्तरीय कमेटी बनी है उसकी जांच रिपोर्ट में अभी कई और के फंसने का अंदेशा है।

नस काटी, नदी में कूदे, निदेशालय घेरा : 68500 पदों पर सहायक शिक्षक भर्ती के मामले में शनिवार को फिर बेसिक शिक्षा निदेशालय पर बवाल हुआ। अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया के तहत लिखित परीक्षा परिणाम 33 प्रतिशत कटआफ पर जारी करने के साथ ही नियुक्ति की मांग कर रहे थे। नाराज अभ्यर्थियों ने शिक्षा निदेशालय का घेराव किया। इस दौरान एक अभ्यर्थी ने हाथ की नस काटकर तो वहीं चार अभ्यर्थियों ने गोमती नदी में कूद जान देने का प्रयास किया।

शनिवार निशातगंज स्थित लक्ष्मण मेला मैदान में सुबह से ही अभ्यर्थी एकजुट होने लगे। दोपहर तक बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा निदेशालय पहुंच गए। अभ्यर्थियों ने निदेशालय पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी देर शाम तक निदेशालय पर डटे रहे। इस दौरान कई थानों की पुलिस व पीएससी बल भी मौके पर मौजूद रहा।

चार अभ्यर्थियों ने लगाई नदी में छलांग: चार अभ्यर्थियों ने दोपहर करीब दो बजे गोमती नदी में कूद कर जान देने का प्रयास किया। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के मुताबिक क्रमश: संजय, गौरव व जीतेंद्र को लोगों की मदद से नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। वहीं एक अन्य अज्ञात अभ्यर्थी लापता है। इसके अलावा शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन के दौरान बदलापुर, जौनपुर निवासी अवनीश मिश्र द्वारा हाथ की नस काट कर जान देने का प्रयास किया गया।

लखनऊ: ..मैं सहायक शिक्षक का अभ्यर्थी तो नहीं, हां एक पिता जरूर हूं। मैं भी चाहता हूं कि मेरे शिक्षित बच्चे को शिक्षक की सरकारी नौकरी मिले, जिसके लिए मैंने और उसने मेहनत की है। सरकारों की राजनीति अपनी जगह है लेकिन देश का भविष्य कहे जाने वाले इन बच्चों का वर्तमान और कल तो न खराब करें। यही मेरी विनती है आपसे ’ रंगनाथ तिवारी

जाने भर्ती प्रक्रिया में कब क्या हुआ

  • 25 जनवरी : भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू।
  • 09 फरवरी : आवेदन लेने की अंतिम तारीख।
  • 12 मार्च : लिखित परीक्षा की तारीख जो टाली गई।
  • 21 मई : शासन ने उत्तीर्ण प्रतिशत अंकों में किया बदलाव।
  • 27 मई : लिखित परीक्षा 1कराई गई।
  • 06 जून : पहली उत्तर कुंजी जारी।
  • 18 जून : संशोधित उत्तर कुंजी जारी।
  • 08 अगस्त : उत्तीर्ण प्रतिशत बदला, पहले शासनादेश के अंक मान्य।
  • 13 अगस्त : परीक्षा परिणाम जारी।
  • 31 अगस्त : पहली चयन सूची 34660 अभ्यर्थियों की जारी।
  • 01सितंबर : एक महिला अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिका बदलने का मामला खुला।
  • 02 सितंबर : दूसरी चयन सूची 6127 अभ्यर्थियों की जारी।
  • 04 सितंबर : कम अंक पाने वालों की स्कैन कापियों में मिले अधिक अंक।
  • 05 सितंबर : प्रदेश के विभिन्न जिलों में चयनितों को मिले नियुक्ति पत्र।
  • 08 सितंबर : परीक्षा नियामक सचिव निलंबित व अन्य पर कार्रवाई।
    completely broken down sahayak shikshak bharti rules
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