बीटीसी कालेज अपने यहां सुधार करने को तैयार ही नहीं बीटीसी कालेज संचालक नियमों से दूर

आजकल प्रदेश में बीटीसी के निजी कॉलेजों की संख्या इतनी अधिक है इसके बावजूद भी दिन प्रतिदिन लगातार नए BTC college away from governing rulesकॉलेज खुलते जा रहे हैं।और जिस तेज़ी से कॉलेजों की संख्या अधिक बढ़ रही है वहीं पढाई का स्तर भी उसी रफ्तार से गिर रहा है।

प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षक जहां तैयार किये जाते हैं वही बेसिक टीचर्स ट्रेनिंग संस्थान यानी बीटीसी कालेज अपने यहां सुधार करने को तैयार ही नहीं है। जब तक इन सब में सुधार नही होता तब तक इन कॉलेजों की होने वाली ग्रेडिंग या फिर यहां के प्रवक्ताओं को आधार से जोड़े जाने की योजना धरातल पर सफल नही हो सकती है। इन कॉलेजों में सुधार किया जाये इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद उप्र एससीईआरटी और परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव लगातार पत्र भेज रहे हैं।इन सबके बावजूद   राज्य शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद उप्र द्वारा भेजे गए पत्र पर अमल करना तो दूर उन्हें सूचनाएं तक देना जरुरी नही समझा और अभी तक कोई सूचना देने में देर हो रही है।

कॉलेजों में सुधार के लिए जो भी हिदायत दी गयी थी उसके बावजूद भी कोई सुधार नही हुआ तो बीटीसी के पहले पाठ्यक्रम में बदलाव कर दिया गया और फिर ऐसा पाठ्यक्रम बनाया गया जो की प्रशिक्षुओं को पढ़ना और शिक्षकों को पढ़ाना ही होगा।इसके बाद भी शैक्षिक गुणवत्ता में कोई सुधार नही आया। इन कॉलेजों की दशा इतनी ज्यादा खराब है कि यहां के प्रशिक्षु अपनी सेमेस्टर परीक्षाएं तक उत्तीर्ण नहीं कर पा रहे हैं।इन परिणामों को देखकर अफसरों ने एनसीटीई से संपर्क करके उन कारणों की पड़ताल की आखिर बीटीसी कालेजों में पढ़ाई क्यों नहीं हो पा रही है। इस पड़ताल के बाद यह सामने आया है कि एक ही प्रवक्ता कई कॉलेजों में पंजीकृत है जो एक साथ सब कॉलेज में उपस्थित नही हो सकते और इसी कारण इन प्रवक्ताओं का पढाई से कोई लेना देना नहीं है।इसी तरह कथित प्रवक्ताओं के बलबूते पर बड़ी संख्या में बीटीसी के निजी कालेज चल रहे हैं।

एक ही प्रवक्ता का कई कॉलेजों में पंजीकृत होना इस पर अंकुश लगाने के लिए योजना बनाई गयी कि सभी कॉलेजों के प्रवक्ताओं से पहचान पत्र लेकर उनका आधार कार्ड एनसीटीई की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाए जिससे वह प्रवक्ता जहां भी पंजीकृत होंगे उनकी तस्वीर वही सामने आ जाएगी।

इस योजना को सफल बनाने के लिए ही कॉलेज प्रबंधकों से प्रवक्ताओं का रिकॉर्ड मांग गया ताकि उनका रिकॉर्ड अपलोड किया जा सके, लेकिन अभी तक इस पर कोई अमल नही किया जा रहा है और अभी तक कुछ ही जीने चुने कॉलेजों ने ही रिकॉर्ड मुहैया कराया है।

इतना ही नहीं रिकॉर्ड के साथ कॉलेजों कि ग्रेडिंग करने का भी निर्देश जारी हुआ है। इसका मतलब यह है कि हर कॉलेज को टीईटी के परीक्षा परिणाम के आधार पर ए, बी, सी व डी ग्रेड दिए जाने थे। इसका अभियर्थियों को यह लाभ होता कि हर जिले में कॉलेजों के बीच उम्दा परिणाम देने कि होड़ मचती और काउंसिलिंग में अभ्यर्थी भी अच्छी ग्रेडिंग वाले संस्थान का चुनाव करते। इस संबंध में सभी डायट प्राचार्यो और निजी कालेज प्रबंधकों से रिपोर्ट मांगी गई है,और इस सबके बावजूद कालेज इसे भी नहीं दे रहे हैं ।

परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव डा. सुत्ता सिंह ने बताया कि इन कॉलेजों कि पढ़ाई में सुधार और दिए गए निर्देश जो कि प्रवक्ताओं को आधार कार्ड से जोड़ने व कालेजों की ग्रेडिंग करने का मामला के संबंध में सभी जिलों को कड़ा पत्र भेजा गया है। यदि संस्थान इसमें देरी करेंगे तो उन पर कार्रवाई के लिए निदेशक को रिपोर्ट भेजेंगे।

BTC College is not ready to improve itself, BTC is far from college governor rules

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