BSA silence on the appointment of teachers

basic shiksha parishad के विद्यालयों में नियुक्ति नहीं दे पा रहे और BSA कोई प्रतिक्रिया देने से भी बच रहे है और जिन अभ्यर्थियों का सिलेक्शन हो गया है उन अभ्यर्थियों से संबधित कोई जानकारी भी उपलब्ध करने में आनाकानी कर रहे है यही वजह है कि प्रदेश के 21 जिलों के बीएसए को अनुस्मारक भेजा गया है। प्रदेश के 21 जिलों के बीएसए से सवालों का जवाब मांगा गया है, ताकि इन basic shiksha parishad के विद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी हो।

580 अभ्यर्थियों की जानकारी नहीं दे रहे 21 जिलों के बीएसए गड़बड़झाला : प्रदेश के parishadiya vidyalaya में नियुक्ति पाने के सरे प्रयास किये जा रहे है जिस से प्रदेश के इन परिषदीय विद्यालयों में नियुक्ति में जल्द से जल्द नियुक्ति हो सके। शीर्ष कोर्ट के सात दिसंबर, 2015 के निर्देशानुसार 1100 याचियों में से 862 candidates की नियुक्ति हो चुकी है। जो याची बचे थे उन के लिए भी honorable supreme court ने 24 फरवरी, 24 अगस्त एवं 17 नवंबर 2016 को भी कई निर्देश हुए हैं पर उनका निर्देशों का अभीत तक नहीं हो पाया है जिस याची काफी परेशान है। असल में याचियों को नियुक्ति मिलने की जानकारी और युवाओं मिल रही हो तो वो भी याची बन रहे है जिस से याची बनने की संख्या बढ़ती जा रही ये संख्या बढ़कर कर 68015 तक पहुंच गई है।

State Educational Research Training Council SCERT Lucknow ने अपने इस्तर पर इस सूची छानबीन कर केवल 580 अभ्यर्थियों को ही सही माना है, लगभग बाकी बची हुए सूची को खारिज करने की प्रतिक्रिया की जरा है हालांकि उस पर शीर्ष कोर्ट का अनुमोदन जरूरी होगा। शीर्ष कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 22 फरवरी को होनी है ऐसे में परिषद 580 candidates की सारी सूचनाएं इकट्ठा कर रहा है। NCIRT के निदेशक डॉ. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह प्रदेश के सभी 21 जिलों के बीएसए से 27 जनवरी तक सभी अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी मांगी थी जिस से नियुक्ति प्रतक्रिया जल्दी से पूरी होै। 21 जिलों BSA या तो जवाब ही नहीं दिया या फिर उनकी सूचना त्रुटिपूर्ण रही है। क्या यही है काम करने का तरिका है ।

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इस के बाबजूद NCIRT निदेशक ने उन सभी 21 जिलों के बीएसए को अनुस्मारक भेजा है। उनसे चार सवालों का जवाब मांगा गया है। सबल में पूछा गया है कि अभ्यर्थी द्वारा आवेदन किया गया या नहीं, आवेदन की दशा में अभ्यर्थी काउंसिलिंग में उपस्थित हुआ या नहीं, counseling में उपस्थित होने के बाद अभ्यर्थी का चयन हुआ या नहीं, अभ्यर्थी का अभ्यर्थन निर्धारित मानक पूर्ण न करने के कारण निरस्त किया गया हो। निदेशक ने सभी जिलों के बीएसए को है कि केवल उन्हीं अभ्यर्थियों की सूचना उपलब्ध कराए जिनके द्वारा संबंधित जिले में आवेदन किया गया हो। इसके लिए सभी जिलों को प्रोफार्मा भेजा गया है। उसी पर भरकर सूचनाएं भेजना है। उधर, टेट मोर्चा के शिवकुमार पाठक का कहना है कि शीर्ष कोर्ट ने याचियों की नियुक्ति के लिए चार बार आदेश पारित किया है, लेकिन सरकार उस पर गंभीर नहीं है। इन चयन प्रक्रिया में इतना समय क्यों लगता है जिस से हमारे अभ्यर्थियों को बहुत लंम्बे समय तक इंताजर करना पड़ता है, चाहे किसी भी डिपार्मेंट में नौकरी निकली हो तो उसमें आवेदन करने कि एक सरल प्रक्रिया होनी चाहिए।BSA-silence-on-the-appointment-of-teachers

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