बेसिक शिक्षकों के अंतरजिला तबादले अगस्त में

शासन ने चालू शैक्षिक सत्र में परिषदीय (बेसिक) शिक्षकों के अंतर जिला तबादले की नीति मंगलवार को जारी कर दी है। अंतर जिला तबादले की प्रक्रिया जिले के अंदर शिक्षकों का समायोजन/स्थानांतरण पूरा होने के बाद ही शुरू होगी। अंतर जिला तबादले के लिए शिक्षक सात से 20 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। तबादले की प्रक्रिया 31 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी। अंतर जिला तबादले के लिए वरीयता गुणवत्ता अंक के आधार पर तय की जाएगी। जिन जिलों में शिक्षकों के 15 प्रतिशत से ज्यादा पद खाली हैं, वहां के किसी शिक्षक का दूसरे जिले में तबादला नहीं किया जाएगा।

31 जुलाई तक वेबसाइट पर होगा रिक्तियों का विवरण : अंतर जिला तबादले की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को 25 जुलाई तक हुईं रिक्तियों का विवरण बेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय को भेजना होगा।

इन रिक्तियों में 31 मार्च तक के पदोन्नति, सेवानिवृत्ति, नए पद सृजन आदि के कारण होने वाली रिक्तियों को शामिल किया जाएगा। सभी जिलों के खाली पदों का विवरण बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर 31 जुलाई तक प्रदर्शित किया जाएगा। इन रिक्तियों में से 25 फीसद की सीमा तक ही अंतर जिला तबादले किए जाएंगे।

परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को जिले के अंदर एक से दूसरे विद्यालय में तबादले के लिए 30 जून तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिले के अंदर तबादले के लिए जिले को तीन जोन में बांटा गया है। तबादले के लिए शिक्षकों को ऑनलाइन आवेदन में पांच स्कूलों का विकल्प देना होगा जिनमें पद खाली हों। उन्हें यह भी बताना होगा कि यदि उन पांच स्कूलों में उनका तबादला नहीं हो पाता है तो वह उस जोन के किसी भी रिक्त पद पर जाने के इच्छुक हैं या नहीं। शिक्षकों के तबादले के लिए गुणवत्ता अंक तय किए गए हैं। सर्वाधिक गुणवत्ता अंक के क्रम में विकल्प की उपलब्धता पर तबादले किए जाएंगे। रिक्त पद उपलब्ध नहीं होने पर तबादला नहीं होगा।

बेसिक शिक्षा विभाग ने शैक्षिक सत्र 2017-18 में जिले के अंदर परिषदीय शिक्षकों के समायोजन/स्थानांतरण के लिए मंगलवार को कर दिया है। शासनादेश के मुताबिक, सबसे पहले स्कूलों में शैक्षिक सत्र 2017-18 में 30 अप्रैल 2017 की छात्र संख्या के आधार पर शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत शिक्षकों के पदों का निर्धारण किया जाएगा। पदों का निर्धारण होने के बाद शिक्षकों के समायोजन की कार्यवाही की जाएगी।

समायोजन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षकों के गुणवत्ता अंक तय करते हुए उन्हें जिले के तीन जोन के स्कूलों में बचे हुए रिक्त पदों पर स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों में रिक्तियों का ब्योरा जिले की एनआइसी वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा। स्थानांतरण प्रक्रिया में यह भी देखा जाएगा कि तबादलों के चलते कोई भी विद्यालय एकल शिक्षक वाला या बंद न हो तथा किसी भी स्कूल में अध्यापक-छात्र अनुपात 1:40 से ज्यादा और 1:20 से कम न हो। समायोजन प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की गई है।

ऐसे तय होगा गुणवत्ता अंक
असाध्य/गंभीर रोग से ग्रस्त शिक्षकों के लिए पांच अंक।
दिव्यांग शिक्षकों के लिए पांच अंक।
महिला शिक्षकों के लिए पांच अंक।1’सेवाकाल के प्रत्येक वर्ष के लिए एक अंक (अधिकतम 35 अंक)।

 

ऐसे बंटेंगे जोन  जिले के अंदर तबादले के लिए हर जिले को तीन जिलों में बांटा जाएगा। जोन-1 के तहत जिले की म्यूनिसिपल सीमा या जिला मुख्यालय से आठ किमी की दूरी, जो भी अधिक हो, के दायरे में आने वाला क्षेत्र शामिल होगा। जोन-2 का विस्तार तहसील मुख्यालय से दो किमी तक होगा जबकि जिले का शेष क्षेत्र जोन-3 में शामिल होगा।

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