बदहाल स्कूलों में जाएंगे नौनिहाल

प्राथमिक विद्यालय सोमवार से खुल जाएंगे, लेकिन वहां पढ़ाई किस तरह होगी, इसे लेकर संशय के बादल मंडरा रहे हैं। गांव गिरांव छोड़िए शहर व कस्बाई, तहसील मुख्यालय के स्कूलों में भी कहीं तालाब सरीखा नजर आ रहा है तो कहीं तबेला। मानसून की पहली ही बारिश ने हालात खराब कर दी है। जर्जर भवनों में जगह-जगह पानी टपक रहा है। सभी जगह पुस्तकें नहीं बंटी हैं, यूनिफार्म, बैग, जूते मोजे के वितरण की स्थिति भी साफ नहीं है। यह बात दीगर है कि जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों का दावा ओके में ही है। जिला मुख्यालय स्थित मम्फोर्डगंज प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश करना बच्चों के लिए चुनौती भरा होगा। मास्साब भले ही आसानी से पहुंच जाएं, लेकिन बच्चों के लिए टेढ़ी खीर होगा कक्षाओं में पहुंचना।

शैक्षिक सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रविवार शाम यह विद्यालय परिसर किसी तालाब का आभास दे रहा था। बलरामपुर प्राथमिक विद्यालय तबेला जैसा नजर आया। पीडी टंडन रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर हाल मिला। यहां पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक जरूर हालात को लेकर सिस्टम पर सवाल खड़े करेंगे। गांवों के ज्यादातर विद्यालयों में शौचालयों की स्थिति दयनीय है। दरवाजे टूटे और सफाई का नामोनिशान नहीं हैं। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मुफ्त किताब दी जाती है। नगर एवं अंचल के विद्यालयों में अब तक सब जगह किताब नहीं बंटी है। ब्लाकों में कुछ जगह ही किताबें पहुंचाने में जिम्मेदार कामयाब हो सके हैं। विकास खंड बहादुरपुर में कुछ स्कूलों में कक्षा चार के छात्रों के लिए मात्र चार विषयों की किताबें उपलब्ध कराई गई हैं और कक्षा पांच में दो विषयों की पुस्तकें। कुछ विकास खंडों में कक्षा एक से तीन की पुस्तकें ही उपलब्ध नहीं हो पाई हैं।

चार लाख से अधिक बच्चे हैं पंजीकृत : इलाहाबाद जनपद में नगरीय एवं अंचल क्षेत्र के 3962 स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक की कक्षाएं संचालित की जाती हैं। प्राथमिक स्तर के 2581 एवं उच्च प्राथमिक स्तर के 1281 स्कूल हैं। यहां पर लगभग चार लाख से अधिक छात्र-छात्रओं का नामांकन है। छात्र संख्या बढ़ाने के लिए दो जुलाई से ही स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत रैली एवं संपर्क कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसमें ग्राम प्रधान, एसएमसी के सदस्य, ग्राम समिति के सदस्यों का सहयोग लिया जाएगा। मानसून की सक्रियता के बीच यह अभियान किस तरह चलेगा, यह भी बड़ा सवाल है।

15 तक यूनिफार्म वितरण : प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 15 जुलाई तक नि:शुल्क यूनिफार्म वितरित किया जाना है। शासन की मंशा के अनुरूप विभाग ऐसा कर पाएगा, इसमें संशय है। बेसिक शिक्षा परिषद के नियमों के अनुसार दो जुलाई से स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों का वितरण शुरू कराया जाना है। शासन द्वारा अनुमोदित प्रकाशकों की पुस्तकों की ही आपूर्ति की जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया 15 जुलाई तक वितरण कर लिया जाएगा।

माध्यमिक विद्यालयों में वन महोत्सव: माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) से जुड़े माध्यमिक विद्यालय भी दो जुलाई से खुल जाएंगे। इससे जुड़े राजकीय, वित्तीय सहायता प्राप्त एवं वित्त विहीन विद्यालयों में वन महोत्सव के साथ सत्र शुरू होगा। शैक्षिक पंचांग लागू कर दिया गया है। जुलाई में ही स्काउटिंग दल का पंजीयन एवं मासिक परीक्षाओं का आयोजन होगा। प्रतिभाशाली एवं औसत से कमजोर छात्रों की पहचान के लिए उपचारात्मक शिक्षा के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है।

आज से खुलेंगे अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय: सीबीएसई-आइएससी से जुड़े विद्यालय भी ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद दो जुलाई से खुलने लगेंगे। सेंट जोसफ कान्वेंट में दो जुलाई से पठनपाठन होने लगेगा। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर 3 जुलाई से खुलेगा। सेंट मेरीज इंटर कालेज पांच जुलाई एवं सेंट मेरीज नर्सरी स्कूल 10 जुलाई से खुलेगा।

नामांकन में वृद्धि पर होगा जोर: जिम्मेदार अफसरों का सर्वाधिक जोर इस बार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों का पलायन रोकने पर रहेगा। मध्याह्न् भोजन, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक आदि का क्रियान्वयन भी बड़ी चुनौती होगी। बीते 21 जून को डीएम की बैठक में मंडलायुक्त ने नामांकित छात्रों का स्कूलों से पलायन रोकने एवं नामांकन में वृद्धि की योजनाओं पर जोर दिया था।

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