बी. एड. टी.ई.टी. धारकों ने शिक्षामित्रों के स्थान पर समायोजन की मांग की

shikshamitra samayojan निरस्त होने के बाद TET पास b.ed, BTC आदि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले Unemployed को नौकरी की उम्मीद हो गई है। उत्तर प्रदेश में नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई-09) कानून लागू होने के बावजूद teachers की कमी का हवाला देते हुए इन Unemployed ने भारी संख्या में खाली पदों पर Recruitment के लिए Supreme court तक में याचिका कर रखी है। प्रदेश में sahayak adhyapak के रिक्त पदों पर अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए TET और B.ed धारक अभ्यर्थी लामबंद होने लगे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में इसके लिए एक साथ याचिकाएं दाखिल करने का फैसला किया है। अदालत में वह बताएंगे कि उनकी Eligibility shikshamitra से अधिक है इसलिए Recruitment में उन्हें वरीयता दी जाए। UPTet sangharsh morcha के बैनर तले प्रदेश के तमाम जिलों से बड़ी संख्या में आए अभ्यर्थियों ने रविवार को चंद्रशेखर आजाद पार्क में सभा करके यह तय किया कि Supreme court में याचिकाएं दाखिल कर सरकार और अदालत का ध्यान आकर्षित किया जाएगा। कहा गया कि शिक्षा मित्रों की संख्या एक लाख 72 हजार है जबकि TET और b.ed degree धारकों की संख्या दो लाख 92 हजार है। eligible candidates की उपेक्षा कर रही है।

पढ़ें- शिक्षामित्रों के लिए सीएम से की गईं पांच मांगें, योगी बोले- सरकार आप के साथ

दरअसल उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 को RTI लागू हुआ। तत्कालीन मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने मई 2013 की अपनी रिपोर्ट में प्रदेश में 2.70 लाख अध्यापकों के पद खाली होने की बात कही थी। उसके बाद से अब तक विभिन्न भर्तियों में 18,127 sahayak adhyapak और 58 thousand trainee teachers (कुल 76 हजार) की Recruitment हुई है।2012 से चार साल में लगभग Fifty thousand retire teachers हो गए। यानि 2.70 million vacant posts के सापेक्ष स्कूलों को वास्तव में 26 thousand teachers ही मिल सके। जबकि 2011-12 में स्वीकृत Teachers in primary and upper primary schools के 22,855 पद हाल ही में बढ़ाए गए हैं। इस लिहाज से वर्तमान में सरकारी स्कूलों में कुल 2.65 lakh posts खाली हैं। TET-11 में पास 2.92 lakh B.ed candidates और 58 thousand BTC trainee इन पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। माननीय उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करता हूं। यह फैसला प्रदेश के basic education के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा। एक करोड़ से अधिक नौनिहालों और तीन लाख से अधिक TET Pass unemployed के साथ पूर्ण न्याय हुआ है। TET Pass 2004 व 2007-08 बैच के vishisht BTC trainees ने Assistant teacher post पर नौकरी देने की मांग की है।

पढ़ें- आंदोलन स्थगित कर स्कूलों में पढ़ाने पहुंचे शिक्षामित्र

बेरोजगारों का कहना है कि तत्काल नियुक्ति नहीं होती तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त TET Utteern Sangarsh Morcha के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह ने 15 thousand assistant teachers की Recruitment में पद बढ़ाकर सभी 57,996 योग्य BTC unemployed को नियुक्त करने की मांग की है एटा से आए मयंक तिवारी ने कहा कि हम एनसीटीई के सभी मानक पूरे करते हैं और प्रदेश को योग्य अध्यापकों की जरूरत भी है। ऐसे में B.Ed. and TET Passed Candidates से Recruitment पूरी की जानी चाहिए। सभा का संचालन कर रहे संजीव कुमार मिश्र ने कहा कि प्रदेश के नौनिहालों के भविष्य के लिए भी यह जरूरी है। मोर्चा ने इस संबंध में अगला कदम निर्धारित करने के लिए 24 दिसंबर को इलाहाबाद में फिर सभा बुलाई है। सभा को सच्चिदानंद चतुर्वेदी, धर्मराज मौर्य, वीरेंद्र द्विवेदी, राहुल सिंह, राजेश कुमार सोनी, अभिषेक यादव अमितेष वर्मा, सचिन विश्वकर्मा आदि ने संबोधित किया।

पढ़ें- प्री प्राइमरी कक्षाएं चलाएं या फिर बना दें क्लर्क

परिषद के सचिव को देंगे ज्ञापन :

Allahabad TET Sangharsh Morcha के सुबोध कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने राहत पाने वाले 11 याचियों और प्रत्यावेदन देने वाले 12091 अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति के लिए एक प्रतिनिधिमंडल Basic Shiksha Parishad के सचिव संजय सिन्हा से मिलकर उन्हें ज्ञापन देगा। इसी संदर्भ में दस दिन बाद रिमाइंडर भी दिया जाएगा।।

B. Ed. Tet. Holders demanded samayojan in place of shikshamitra

112 Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.