अभिलेख जांचने के बाद ही नियुक्ति पत्र

Basic Shiksha Parishad में भी अन्य आयोग व चयन बोर्डो की तरह भर्तियां ठप हैं। निकट भविष्य में जब भी नियुक्तियां शुरू होंगी, अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र शैक्षिक अभिलेख जांच कराने के बाद ही मिलेंगे। विभागीय अफसरों का मानना है कि पारदर्शिता और चयन साथ-साथ होना चाहिए। इसे न मानने वाले अफसरों पर कड़ी कार्रवाई करने की भी योजना है।

प्रदेश के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक परिषदीय विद्यालयों में तैनाती पाने वाले तमाम अभ्यर्थी फर्जी मिल रहे हैं। कई जिले में बड़ी संख्या में ऐसे जालसाज सामने आए हैं। हालांकि परिषद के अफसरों ने इस संबंध में पहले ही कड़े निर्देश जारी कर रखे हैं, लेकिन बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने इस ठंडे बस्ते में डाले रखा। इसीलिए विभाग की रह-रहकर किरकिरी हो रही है। परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बीते 17 मार्च को भी बीएसए को आदेश दिया था कि 12460 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पहले चरण की काउंसिलिंग हो चुकी है। अभ्यर्थियों के शैक्षिक अभिलेखों का 15 दिन में सत्यापन करा लिया जाए, उसके बाद ही नियुक्ति पत्र निर्गत हो। सचिव सिन्हा का कहना है कि आगे की सभी भर्तियों में यह आदेश कड़ाई से लागू होगा। बोले, ऐसा होने पर किसी जालसाज के नियुक्ति पाने का खतरा ही नहीं होगा।

परिषद में समायोजित शिक्षामित्रों व कुछ अन्य भर्तियों में दो शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराकर वेतन भुगतान करने के निर्देश हुए थे। इसकी वजह यह थी कि बड़ी संख्या में अभिलेख होने से सत्यापन में समय लग रहा था और वेतन रुका था। अफसरों ने बाद में सभी अभिलेखों का सत्यापन कराने का आदेश दिया है। कई जिलों ने अब तक हुई भर्तियों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन पूरा ही नहीं कराया है। उन्हीं जिलों में गड़बड़ियां मिल रही हैं। सचिव सिन्हा ने फिर बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नियुक्त शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन जल्द से जल्द अनिवार्य रूप से पूरा करा लें और आगे से अभिलेख सत्यापित कराने के बाद ही नियुक्ति पत्र वितरित करें।

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