शिक्षक भर्ती के लिए नियुक्ति पत्र की मांग रहे अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज

लखनऊ : शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर नियुक्ति पत्र देने की मांग को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थियों ने राजधानी में गुरुवार को प्रदर्शन किया। विधानभवन घेरने को बढ़ रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा के पास रोका तो वे सड़क पर प्रदर्शन करने लगे। स्थिति गंभीर होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया। कइयों को हिरासत में भी लिया गया। इस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। शाम को सचिव बेसिक शिक्षा द्वारा भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा करने का आश्वासन दिए जाने पर प्रदर्शनकारियों ने धरना स्थगित किया।

बीटीसी 12460 शिक्षक भर्ती संघ के आह्वान पर जुटे प्रदर्शनकारी गुरुवार को सुबह करीब 11 बजे ही हजरतगंज पहुंच गए थे। विधानभवन जाने से रोके जाने पर सड़क घेरकर बैठे प्रदर्शनकारियों ने जमकर सरकार विरोधी नारेबाजी की। समझाने पर भी जब प्रदर्शनकारी रोड से नहीं उठे, तो पुलिस ने लाठी भांजकर उन्हें खदेड़ना शुरू कर दिया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे राकेश विश्वकर्मा, अखिलेश मिश्र, पंकज यादव, अतुल द्विवेदी, मनोज व अरुण राणा को खींचकर जीप में बैठा लिया। वहीं पूजा यादव, स्नेहा द्विवेदी व आकांक्षा तिवारी की महिला पुलिसकर्मियों ने भिड़ंत हो गई, जिसमें वह चोटिल हो गईं। खींचतान के बीच गांधी प्रतिमा के पास शाम तक अभ्यर्थी जुटे रहे। शाम करीब 5:30 बजे अभ्यर्थी अतुल, आशीष यादव सहित कुछ सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात सचिव बेसिक शिक्षा मनीषा त्रिगटिया से हुई। उन्होंने समीक्षा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम करीब साढ़े छह बजे प्रदर्शन खत्म हुआ।

शिक्षक भर्ती का मामला : प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी पंकज यादव, प्रशांत सिंह व रितेश आदि के अनुसार वह बीटीसी व टीईटी दोनों उत्तीर्ण हैं। राज्य सरकार ने 15 दिसंबर, 2016 को बेसिक शिक्षा विभाग में 12460 शिक्षक पदों पर भर्ती का विज्ञापन निकाला था। इसके बाद 18 मार्च, 2017 को भर्ती के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूरी हो गई, सिर्फ नियुक्ति पत्र जारी होना था। इसी बीच सरकार बदल गई।

नई सरकार ने समीक्षा के नाम पर 23 मार्च, 2017 को भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी। तब अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई। मामले में तीन नवंबर, 2017 को सिंगल बेंच ने और छह फरवरी, 2018 को डबल बेंच ने सरकार को नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी भर्ती नहीं हो रही।

 

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