अनिल भूषण चतुर्वेदी ने सोमवार देर शाम संभाला सचिव परीक्षा नियामक का दायित्व

परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव उप्र इलाहाबाद के रूप में अनिल भूषण चतुर्वेदी ने सोमवार देर शाम कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने सिर्फ यही कहा है कि लंबित कार्यो को तेजी से और पारदर्शी ढंग से पूरा करेंगे। हालांकि इस समय उनके सामने तमाम बड़ी चुनौतियां हैं। ज्ञात हो कि शासन ने यहां कार्यरत रहीं सचिव डा. सुत्ता सिंह को शिक्षक भर्ती में गड़बड़ियों को लेकर शुक्रवार को निलंबित कर दिया था। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में इन दिनों तमाम प्रकरण एक साथ चल रहे हैं।

बीटीसी 2015 तृतीय सेमेस्टर सहित 2013, 2014 मृतक आश्रित आदि का रिजल्ट घोषित करना, उनकी मांग के अनुरूप इसी माह के अंत तक चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा कराकर उसका रिजल्ट देना कठिन चुनौती होगी, ताकि ये अभ्यर्थी दिसंबर माह में होने वाली शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में शामिल हो सकें। ऐसे ही डीएलएड 2017 के प्रथम सेमेस्टर का रिजल्ट भी अब तक जारी नहीं हुआ है। वह अगस्त माह में ही घोषित होना था लेकिन, इस बार डायट मुख्यालयों पर मूल्यांकन कराने के कारण सभी डायटों से अंक नहीं मिल सकें हैं।

इसी तरह से उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपी टीईटी का विज्ञापन 15 सितंबर को जारी कराकर 17 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन लिए जाने का कार्यक्रम पहले ही घोषित हो चुका है। इसमें देरी होने से शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा भी विलंबित होगी। इसके अलावा शिक्षक भर्ती का संशोधित रिजल्ट इस माह के अंत तक घोषित कराना होगा। ऐसे ही अन्य कई प्रकरण का समाधान उन्हें करना होगा।

शिक्षक भर्ती बड़ा घोटाला, बोले अखिलेश: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 68500 शिक्षकों की भर्ती को बड़ा घोटाला बताया है। उन्होंने कहा कि कापियां कैसे जली, सरकार को यह बताना चाहिए। सरकार के पास सीबीआइ से लेकर तमाम एजेंसियां हैं, आखिर उनसे जांच क्यों नहीं कराई जा रही। भारत रत्न पंडित गोविंद वल्लभ पंत की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि नौजवानों की जिंदगी से भाजपा खिलवाड़ कर रही है। उनको नौकरी नहीं दी जा रही है। बीटीसी शिक्षक सड़कों पर हैं। उनके साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह कहना कि नौकरी के लिए अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं, जाहिर करता है कि भाजपा की मंशा और नीयत दोनों में खोट है।

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