कुंडली देखकर बदले जाएंगे अफसर

सूबे के अन्य महकमों के मुकाबले शिक्षा विभाग में अफसर नहीं बदले हैं। अहम पद हो या फिर आम पद हर जगह पर वही चेहरे हैं, जिन्हें पिछली सरकार ने बैठाया था। इन दिनों शिक्षा निदेशालय में फेरबदल की अलग ही तस्वीर दिख रही है। यहां सभी अफसरों की पूरी ‘कुंडली’ यानी सेवा विवर्णिका तैयार हो रही है। अफसर खुद वह प्रपत्र भर रहे हैं, जिसमें कब और कहां तैनात रहे हैं इसका विस्तृत विवरण है। इन सूचनाओं से सरकार को फेरबदल करने में सहूलियत मिलना तय है।

शिक्षा महकमे में बदलाव न होने को लेकर इधर तरह-तरह की बातें हो रही हैं। अफसर पहले यह तर्क देते रहे कि बेसिक शिक्षा के स्कूलों में मूल्यांकन व नया सत्र शुरू होने के बाद बदलाव होगा। वहीं, माध्यमिक के अफसर बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद इधर से उधर होंगे। बेसिक स्कूलों का सत्र शुरू हुए एक माह बीत चुका है तो माध्यमिक में बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन पूरा हो रहा है। इसी बीच शिक्षा निदेशालय में अफसरों का पूरा ब्योरा कंप्यूटराइज्ड करने का आदेश आ गया। निदेशालय, जिला व मंडलों पर तैनात अफसरों को पत्र भेजकर निर्देश दिया गया है कि वह अपनी तैनाती का पूरा विवरण पत्रक में भरकर अविलंब निदेशालय में जमा कराएं।

इसमें हर अफसर को सेवा शुरू होने से लेकर अब तक कब वर्ष या माह में कहां तैनात रहा है का ब्योरा देना है। इस कार्य से महकमे को यह आसानी होगी कि पुरानी कोई गड़बड़ी सामने आने पर आरोप तय नहीं हो पाते कि आखिर उस समय वहां पर कौन था और अब वह कहां है। यह रिकॉर्ड कंप्यूटराइज्ड होने पर आगे का फेरबदल उसी में जुड़ता जाएगा। यही नहीं सूबे की सरकार इस रिकॉर्ड के जरिये यह भी देख सकती है कि सपा या फिर बसपा शासनकाल में किन अफसरों को मलाईदार जगहों पर तैनाती मिली थी। कौन से ऐसे अफसर हैं जो दोनों सरकारों के चहेते रहे हैं और वह कौन अधिकारी हैं जो लगातार हाशिये पर रखे गए। शिक्षा निदेशालय में निदेशालय, जिला व मंडलों से तेजी से प्रपत्र भरकर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि यह काम पूरा होते ही बड़ा फेरबदल होगा। माध्यमिक शिक्षा के अपर निदेशक रमेश ने बताया कि सेवा विवर्णिका जवाबदेही तय करने के लिए तैयार कराई जा रही है।

क’ व ‘ख’ वर्गीय अफसरों की रिपोर्टे मांगी जा रही शिक्षा निदेशालय से इन दिनों प्रदेश के ‘क’ व ‘ख’ वर्गीय अफसरों के संबंध में आये दिन रिपोर्ट मांगी जा रही हैं। यह कार्य भी होने वाले फेरबदल को ध्यान में रखते हुए हो रहा है। सरकार इस पर गंभीर है कि तैनाती पाने वाले अफसरों पर दाग न हों, लेकिन उन अफसरों पर अंगुली उठ रही है जो दागदार हैं और अब भी नीति नियंता बने हैं।

पदोन्नति पर सब मौन शिक्षा महकमे में निदेशक, अपर निदेशक, संयुक्त शिक्षा निदेशक समेत तमाम अहम पद खाली हैं। शासन ने इन्हें भरने के लिए संभावित अफसरों की रिपोर्ट भी निदेशालय से मंगा ली है लेकिन, डीपीसी यानी विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक का मुहूर्त तय नहीं हो रहा है। शिक्षा निदेशक बेसिक का पद दो माह से खाली था, यह प्रकरण उठने पर नियमित तैनाती करने के बजाये वरिष्ठ अफसर को अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है।

पढ़ें- Pravakta Recruitment 2011 Answer Sheet release on www.upsessb.org

शिक्षा निदेशालय में सभी अफसरों की तैयार हो रही सेवा विवर्णिका , अफसर खुद बता रहे, कब कहां तैनात रहे, फेरबदल में होगी आसानी –  समाचार का स्रोत – दैनिक जागरण

education Department news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.