यूनिफार्म व किताबें मुहैया कराने की जवाबदेही तय

बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में यूनीफार्म और किताबें मुहैया कराने की जवाबदेही तय हो गई है। दोनों का जुलाई में वितरण होना है, यह काम इतने कम समय में हो पाना आसान नहीं है। इससे बड़े अफसर ठीक से वाकिफ हैं, फिर भी मातहतों को सक्रिय रखने के लिए कड़े निर्देश दिये गए हैं। गर्मी की छुट्टियां इस कार्य में सबसे बड़ी बाधा बनी है।

परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक व शासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों, मदरसों और माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध स्कूलों में किताबें मुहैया कराने का टेंडर कुछ दिन पहले ही हुआ है और यूनीफार्म का धन भी चंद दिन पहले ही जिलों में भेजा गया। सरकार का निर्देश है कि यह दोनों वितरण हर हाल में जुलाई में पूरे करा लिए जाये। महज एक माह में लाखों छात्र-छात्रओं को किताबें और यूनीफार्म मुहैया करा पाना आसान नहीं है।

शायद इसीलिए जिले व मंडल के अफसरों को कड़े निर्देश जारी हुए हैं, ताकि वह सक्रिय रहकर कार्य पूरा करा दें। शिक्षा निदेशक बेसिक डा. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने पिछले सप्ताह बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिया है कि कक्षा एक से आठ तक की निश्शुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए वास्तविक छात्र संख्या के आधार पर कक्षावार और शीर्षक वार पुस्तकों का विवरण तैयार करके उसे 30 मई तक भिजवाएं।

बेसिक शिक्षा परिषद सचिव संजय सिन्हा ने सोमवार को सभी बीएसए को निर्देश भेजा है कि गुणवत्तायुक्त यूनीफार्म की क्रय प्रक्रिया, वितरण प्रक्रिया और उसका अनुश्रवण के साथ ही इस कार्य में अनियमितता होने पर उत्तरदायित्व निर्धारण किया गया है। इस कार्य में बीएसए, डीआइओएस व मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक जिम्मेदार होंगे। यूनीफार्म वितरण एक से 15 जुलाई के बीच विद्यालय की प्रबंध समिति के माध्यम से होना है। इसलिए यूनीफार्म तैयार कराकर उसे समय से वितरित करवाएं।

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