70 हजार अभ्यर्थियों पर फिर लटकी तलवार

प्रयागराज : अशासकीय माध्यमिक कालेजों में नियुक्ति पाने की उम्मीदें संजोए करीब 70 हजार अभ्यर्थियों पर फिर तलवार लटक गई है। प्रवक्ता व स्नातक शिक्षक 2016 भर्ती के आठ विषयों के पद निरस्त होने की गुत्थी अब तक सुलझ नहीं पाई है। चयन बोर्ड ने बुधवार को अभ्यर्थियों से कहा है कि यदि परीक्षा के पहले शासन की ओर से निर्देश नहीं मिला तो वे इम्तिहान में निरस्त विषयों के अभ्यर्थियों को शामिल नहीं करेंगे।

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र ने प्रवक्ता व स्नातक शिक्षक चयन 2016 के लिए सितंबर माह में लिखित परीक्षा कराने का एलान किया था। 12 जुलाई 2018 को चयन बोर्ड ने भर्ती के कुल पदों में से प्रवक्ता व स्नातक शिक्षक के आठ विषयों के 321 पद निरस्त कर दिए। चयन बोर्ड का तर्क था कि इन विषयों की पढ़ाई नहीं हो रही है इसलिए उन पदों के लिए चयन क्यों किया जाए। इसी के साथ परीक्षा भी स्थगित कर दी गई थी। चयन बोर्ड ने इन विषयों के अभ्यर्थियों से दूसरे विषयों में आवेदन करने के लिए ऑनलाइन आवेदन भी मांगे लेकिन, इसमें गिने-चुने अभ्यर्थी ही शामिल हुए। वजह जीव विज्ञान सहित अन्य विषयों की अर्हता ऐसी है कि अभ्यर्थी दूसरे विषयों में अर्ह नहीं हैं।

शासन ने इस मामले को सुलझाने के लिए यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव की अगुवाई में तीन अफसरों की कमेटी बनाई और प्रस्ताव मांगा। बोर्ड सचिव की मानें तो शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा जा चुका है। सूत्रों की मानें तो उसमें आवेदन करने वालों को परीक्षा में शामिल कराने का प्रस्ताव हुआ है। लेकिन, शासन से अब तक चयन बोर्ड को कोई निर्देश जारी नहीं हुआ है। चयन बोर्ड ने 30 नवंबर को प्रवक्ता व प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक की लिखित परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। प्रवक्ता का इम्तिहान एक व दो फरवरी को, जबकि स्नातक शिक्षक का आठ व नौ मार्च को होना है।

बुधवार को जितेंद्र यादव, रमेश यादव, रामकेवल, आलोक राय आदि चयन बोर्ड अध्यक्ष बीरेश कुमार व सचिव दिव्यकांत शुक्ल से मिले और जीव विज्ञान आदि विषय पर चर्चा की। अभ्यर्थियों का कहना है कि अध्यक्ष व सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उन्हें शासन से कोई निर्देश नहीं मिला है, यदि इम्तिहान तक निर्देश नहीं आता तो जीव विज्ञान आदि विषयों की परीक्षा नहीं कराएंगे। इससे करीब 70 हजार अभ्यर्थी अधर में अटक गए हैं और कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस संबंध में चयन बोर्ड अध्यक्ष व सचिव से दूरभाष पर संपर्क नहीं हो सका है।

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