लिखित परीक्षा सुपर टीईटी, शिक्षामित्रों में कोहराम

प्रयागराज : परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए हुई लिखित परीक्षा को अब सुपर टीईटी कहिए क्योंकि सोमवार को जारी न्यूनतम कटऑफ अंक कुछ ऐसा ही कह रहे हैं। शिक्षक पात्रता परीक्षा की तर्ज पर शासन ने सामान्य व अन्य आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों में अंकों का बंटवारा किया है। दोनों में अंतर इतना है कि लिखित परीक्षा के लिए तय अंक प्रतिशत टीईटी से भी अधिक है। इस कटऑफ से शिक्षामित्रों में कोहराम मचा है, क्योंकि वे अब तक कटऑफ न होने से वेटेज अंकों के सहारे खुद को चयनित मान रहे थे। अब बिना तैयारी परीक्षा देने वालों का बाहर होना तय है। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में सहायक अध्यापक बनने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

टीईटी के 150 अंकों में उत्तीर्ण होने के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को 60 फीसद यानी 90 अंक और अन्य आरक्षित वर्ग को 55 फीसद या 82 अंक पाना जरूरी है। शासन ने 69 हजार शिक्षक भर्ती में सामान्य वर्ग के लिए 65 फीसद व अन्य आरक्षित वर्ग के लिए 60 फीसद न्यूनतम अंक तय किए हैं। सरकार ने इस बार ओबीसी वर्ग को राहत पहुंचाई है क्योंकि 68500 शिक्षक भर्ती में सामान्य व ओबीसी का कटऑफ समान रखा गया था, जबकि एससी व एसटी का कटऑफ बराबर था। इस भर्ती में ओबीसी को अन्य आरक्षित वर्ग में रखा गया है यानी इस वर्ग के अभ्यर्थियों को परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए 60 फीसदी अंक हासिल करने होंगे।

शासन ने शिक्षक भर्ती परीक्षा में कटऑफ अंक इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका की सुनवाई पर तय किया है। अनूप सिंह व 23 अन्य की याचिका पर हाईकोर्ट ने तीन जनवरी को सरकार से जवाब मांगा था कि आखिर बिना न्यूनतम अंक के यह परीक्षा क्यों कराई जा रही है। सरकार मंगलवार को होने वाली सुनवाई में अब जवाब दाखिल करे

पढ़ें- 69000 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा की कट ऑफ हुई जारी, परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए लाने होंगे इतने अंक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.