69000 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए शासनादेश जारी

उत्तर प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी स्कूलों में 69,000 सहायक अध्यापकों की भर्ती करने जा रही है। प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक भर्ती में 500 पद और जोड़ते हुए सरकार ने रविवार को शासनादेश जारी कर दिया है। शिक्षक भर्ती के लिए 5 दिसंबर को विज्ञापन किया जायेगा। इस भर्ती के लिए 6 दिसंबर से फॉर्म भरे जाएंगे। इस परीक्षा में ओएमआर शीट का प्रयोग किया जाएगा। परीक्षा बहुवैकल्पिक प्रश्नों के अाधार पर एवं ओएमआर शीट पर होगी। समय कम होने के कारण परीक्षा मंडल मुख्यालयों पर ही आयोजित कराई जाएगी।

परीक्षा 6 जनवरी को 18 मंडल मुख्यालयों पर सुबह 11 से दोपहर 1.30 बजे तक होगी। 8 जनवरी को परीक्षा की आंसर-की जारी की जाएगी । 11 जनवरी तक आपत्तियां लेने के बाद 18 जनवरी तक विशेषज्ञ समिति गठित कर 19 जनवरी को संशोधित आंसर-की जारी की जाएगी । परीक्षा के 16 दिन बाद 22 जनवरी को परीक्षा का परिणाम जारी करने के एक माह के अंदर ही चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित जिले में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की तरफ से प्रमाण पत्र दे दिए जाएंगे।

शासनादेश के अनुसार, मंडल मुख्यालय की जनपदीय समिति द्वारा परीक्षा केंद्र निर्धारित कर इसकी सूची सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को 24 दिसंबर तक उपलब्ध करवा दी जाएगी और 31 दिसंबर को प्रवेश पत्र वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार ने बताया कि अभ्यर्थियों से 20 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। 68,500 शिक्षकों की पिछली भर्ती में हुई गड़बड़ियों से सबक लेते हुए प्रदेश सरकार ने अबकी बार कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

बीएड वाले भी दे सकेंगे परीक्षा : अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार ने बताया कि भर्ती परीक्षा में बीएड डिग्री प्राप्त अभ्यर्थी भी शामिल हो सकेंगे, लेकिन परीक्षा में केवल प्राथमिक टीईटी (कक्षा 1 से 5) उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी ही शामिल हो सकेंगे।

टीईटी पास कर सकेंगे आवेदन : 18 नवंबर को हुई टीईटी में सफल रहे अभ्यर्थी परीक्षा में भाग ले सकेंगे। टीईटी की संशोधित आंसर-की जारी हो चुकी है और रिजल्ट 8 दिसंबर तक आने की संभावना है। 28 जून को जारी एनसीटीई की गाइडलाइंस के अनुसार इस बार प्राइमरी स्तर की शिक्षक भर्ती में बीएड डिग्रीधारक भी अहर्ता माने जाएंगे। पहले बेसिक शिक्षक भर्ती के लिए बीएड की डिग्री मान्य थी, लेकिन बीच में इसे हटा दिया गया था।

शिक्षामित्रों के लिए आखिरी मौका : परिषदीय विद्यालयों में समायोजित हो चुके शिक्षामित्रों के लिए शिक्षक बनने का यह आखिरी मौका होगा। शिक्षामित्रों के कई प्रदर्शन के बाद सरकार की तरफ से उन्हें दो भर्तियों में शामिल होने का मौका देने का आश्वासन मिला था।

नियमावली में होगा संशोधन : सहायक अध्यापकों की भर्ती का विज्ञापन जारी होने से पहले बेसिक शिक्षा नियमावली में संशोधन किया जाएगा। इस संबंध में सोमवार को कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। संशोधन के बाद 69,000 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा अब नये पैटर्न पर होगी। इसमें अति लघु उत्तरीय की जगह बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे और अन्य परीक्षाओं की तरह ओएमआर शीट दी जाएगी। शीट कम्प्यूटराइज्ड तरीके से चेक होगी।

बढ़ सकते हैं पद : जानकारी के मुताबिक, पांच दिसंबर को भर्ती का विज्ञापन जारी होने तक पदों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षकों के पद के लिए हुआ शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त कर दिया था। इसके चलते शिक्षकों के 1.37 लाख पद खाली हो गए थे। इन पदों को भरने के लिए मई 2018 में शिक्षक भर्ती परीक्षा हुई। इसमें लिखित परीक्षा में 41,556 अभ्यर्थी सफल हुए, लेकिन 41,000 ने ही नियुक्ति के लिए आवेदन किया। 27,500 पद खाली रह गए। इसके चलते बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में तैनात अधिकारियों से उनके यहां खाली पड़ी सीटों का ब्योरा मांगा है। अगर इन खाली पदों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया गया तो सहायक अध्यापकों के करीब 93,000 पदों के लिए आवेदन मांगे जा सकते हैं।

ऐसी-ऐसी गड़बड़ियां आई थीं सामने

– पिछली परीक्षा में जौनपुर में 16 ऐसे अभ्यर्थी सफल हो गए जिन्होंने परीक्षा तक नहीं दी।
– 2, 5,19 अंक पाने वाले 53 अभ्यर्थी भी सफल घोषित कर दिए गए।
– 51 ऐसे अभ्यर्थी सामने आए जिन्हें उत्तर पुस्तिका में अधिक अंक मिले, लेकिन परिणाम में फेल कर दिए गए।
– सरकार ने अनियमितता की जांच के लिए कमेटी बनाई तो इलाहाबाद स्थित परीक्षा नियामक प्राधिकारी दफ्तर में अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं तक जला दी गईं। इनमें सोनिका देवी की भी कॉपी थी।

इन तारीखों को भी याद रखें:
20 दिसंबर है आवेदन करने की आखिरी तारीख।
21 दिसंबर तक जमा कर सकेंगे आवेदन शुल्क।
22 दिसंबर की शाम तक लिए जा सकेंगे प्रिंट आउट।
22 जनवरी को जारी होगा परीक्षा का परिणाम।

ये होंगी चुनौतियां

– विज्ञापन जारी होने से परिणाम तक 49 दिनों में परीक्षा को सफलतापूवर्क संपन्न कराना।
– 18 नवंबर को हुई टीईटी में सामने आए नकल माफिया से भी सावधान रहना होगा।
– लोकसभा चुनाव से पहले बिना विवाद पूरी परीक्षा संपन्न कराना।

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