68500 सहायक शिक्षक भर्ती 2018 – नौकरी महंगी जिंदगी सस्ती

परिषदीय स्कूलों की 68500 सहायक शिक्षक भर्ती 2018 की लिखित परीक्षा का परिणाम रद्द होने के आसार है। बजह यह है कि परीक्षा नियामक कार्यालय में स्कैन कॉपी के लिए 2500 और करीब 1500 प्रत्यावेदन कॉपियों के नए सिरे से जाँच कराने के निर्देश आ चुके है। इसके अलावा हर दिन अभ्यर्थियों को मुहैया कराई जा रही स्कैन कॉपी और परिणाम के अंकों में बड़ा अंतर है। फेल करार दिए गए अधिकांश अभ्यर्थी उत्तर पुस्तिका पर मिले अंकों से उत्तीर्ण हो रहे। हाई कोर्ट इसका संज्ञान लेकर पूरी परीक्षा परिणाम रद्द करके नए सिरे से रिजल्ट जारी करने का आदेश दे सकता। इस पर सरकार भी सहमत हो सकती है।

भर्ती के परीक्षा परिणाम पर सबसे पहला राजफाश सोनिका देवी से हुआ था। हाई कोर्ट में विभाग ने माना कि उसकी उत्तर पुस्तिका बदल गई है। इसके बाद अंकित वर्मा, मनोज कुमार सहित तमाम नाम हर दिन जुड़ते जा रहे है। अभ्यर्थियों की मने तो अब तक करीब डेढ सौ से अधिक प्रकरण खुल चुके है, जिसमें रिजल्ट के अंक और स्कैन कॉपी के अंक मेल नहीं खा रहे है ज़्यदातर केस में अभियार्थी उत्तीर्ण हो रहे है। ये सभी प्रकरण कोर्ट की शरण में पहुंच रहे है, ऐसे में संकेत है कि कोर्ट रिजल्ट को ही रद्द कर सकता है। वैसे भी इस माह के अंत में संशोधित परिणाम जारी करने का एलान निवर्तमान सचिव कर चुकी है। रिजल्ट रद्द होने से कॉपी देने और रोज गड़बड़ी का पर्दाफाश होने से विभाग व सरकार को रहत मिलेगी। नए रिजल्ट में तय है कि सफल अभ्यर्थियों की तादात बढ़ेगी। वैसे भी तय भर्ती की अब तक करीब 27 हजार सीटें खली हो रही है ।

सफल अभ्यर्थियों के बदल सकते है अंक : नए सिरे से रिजल्ट जारी करने में तमाम अनुत्तीर्ण अभ्यर्थी उत्तीर्ण हो सकते है। उन्हें नए सिरे से जिला आवंटित होगा। वंही किसी सफल अभ्यर्थी को जबरन उत्तीर्ण किया गया होगा तो वह चयन से भर हो जायेगा। यदि उसके अंक बदलते है तो जिला आवंटन भी प्रभावित हो सकता है। इससे अधिक फर्क नहीं पड़ेगा, क्योकि पहले ही कई कम मेरिट वालों को गृह जनपद मिल चुका है। वही जो अभ्यर्थी नियुक्ति पा चुके है, उनके सामान अंक रहते है तो चयन प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

नौकरी महगी जिंदगी सस्ती: लखनऊ में सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने शनिवार को बेसिक शिक्षा निदेशालय पर नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन किया इस दौरान एक अभ्यर्थी ने हाथ की नस काट ली। हांलाकि हाथियों की मदद से उसकी जान बचा ली।

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