5वीं व 8वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हों: जावड़ेकर

चंडीगढ़ :  केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि पांचवीं व आठवीं की बोर्ड की परीक्षाएं फिर से शुरू की जाएं। इसके लिए राज्य सरकारों को अधिकार दिए जाएंगे। पांचवीं व आठवीं में फेल न करने की नीति में केंद्र संशोधन करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार बिल लाकर राइट टू एजूकेशन में सुधार करेगी।

जावड़ेकर चंडीगढ़ में उत्तर भारत के आठ राज्यों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर आयोजित दो दिवसीय कांफ्रेंस के अंतिम दिन मुख्त वक्ता के तौर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा ढांचे में बड़े परिवर्तन लाने की जरूरत है, ताकि हर बच्चे को गुणात्मक शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि यह धारणा समाप्त करने की जरूरत है कि प्राइवेट स्कूलों, महंगी शिक्षा और केवल अंग्रेजी में शिक्षा ही बढ़िया शिक्षा होती है।

उन्होंने नवोदय विद्यालय और केंद्रीय विद्यालय को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने का बेहतर उदाहरण बताया। सरकार जल्द ही एक बिल लाकर आरटीई में संशोधन करने जा रही है, जिसमें फेल न करने की नीति समाप्त करेगी। फेल विद्यार्थियों को उसी कक्षा में रखने का अधिकार राज्यों को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीए, बीएड शिक्षा सिस्टम की जगह इंटीग्रेटिड बीएड कोर्स शुरू करने की योजना है। उन्होंने बीएड कॉलेजों के नाम पर शिक्षा की दुकानों को गलत बताते हुए कहा कि सरकार इस प्रथा को खत्म करने के लिए सभी बीएड कॉलेजों से दाखिले की प्रक्रिया व कैंपस, कोर्स, स्टाफ आदि को लेकर स्व घोषणा-पत्र ले रही है।

चंडीगढ़ : शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए हरियाणा के पड़ोसी राज्य अपनी नीतियों में संशोधन को तैयार हो गए हैं। नई शिक्षा नीति के मुरीद ये राज्य स्किल डेवलपमेंट, स्कूल लीडरशिप प्रोग्राम और ज्वॉयफुल लनिर्ंग का गहनता से अध्ययन करेंगे ताकि इनकी सहायता से बच्चों को स्कूलों की तरफ आकर्षित किया जा सके। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रलय की अगुवाई में चल रहे आठ राज्यों के सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन शुक्रवार को हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश समेत सभी आठ राज्यों के शिक्षा सचिवों ने प्रेजेंटेशन दी। हरियाणा के स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने कहा कि बच्चों को गुणात्मक शिक्षा देने के लिए उन्हें स्कूलों में लाना जरूरी है।

 

 

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