अनुपस्थित चल रहे 30 शिक्षक बर्खास्त, कई शिक्षक सात वर्षो से नहीं आ रहे थे विद्यालय

इलाहाबाद : प्राइमरी स्कूलों के 30 शिक्षक बर्खास्त कर दिए गए हैं। यह शिक्षक काफी लंबे समय से विद्यालय नहीं आ रहे थे। इन शिक्षकों की खोज खबर के लिए दो बार कारण बताओ नोटिस भेजी गई थी। नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने इनकी सेवा समाप्त कर दी। इसके अतिरिक्त 16 और शिक्षकों पर गाज गिरने जा रही है। जांच में इन सभी के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। फिलहाल इन सभी का वेतन रोक दिया गया है।

जिले के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों से 32 शिक्षक वर्षो से अनुपस्थित चल रहे थे। जांच में यह बात पकड़ में आने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इन शिक्षकों की खोज खबर के लिए इनके आवासीय पते पर नोटिस भेजी। इन्हें कई बार पंजीकृत डाक और समाचार पत्र के माध्यम से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुशवाहा ने बताया कि लंबे समय से गायब चल रहे 32 शिक्षकों को जवाब देने के लिए दो बार मौका दिया गया। पहले इन्हें पंजीकृत डाक से 1 जून फिर 24 जून को नोटिस भेजी गई। नोटिस का जवाब सिर्फ दो शिक्षकों ने ही दिया।

जवाब नहीं देने वाले तीस शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। बीएसए ने बताया कि 16 अन्य शिक्षकों को फर्जीवाड़ा करने पर उनके खिलाफ की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन शिक्षकों ने मध्य प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय के असत्य एवं फर्जी अंक एवं प्रमाणपत्र लगाए हैं।

दो बार भेजी ‘कारण बताओ नोटिस’, नहीं दिया जवाब प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर 16 शिक्षक और निशाने पर

कई शिक्षक सात वर्षो से नहीं आ रहे थे विद्यालय:  इलाहाबाद : बर्खास्त किए गए शिक्षकों में कई सात वर्षो से विद्यालय गए ही नहीं। इनमें शिक्षिकाएं ज्यादा हैं। सहयोगी शिक्षकों की शिकायत पर अफसरों ने इसकी जांच पड़ताल की तो मामला खुला। धनुपुर ब्लाक में ऐसे मामले ज्यादा पकड़ में आए। इन सबको नोटिस दी गई तो सिर्फ दो ने ही जवाब दिया।

बीएसए संजय कुशवाहा ने बताया कि 32 में महज 2 शिक्षिकाएं अनुपस्थिति का कारण बताने उनके कार्यालय आयीं। इनमें पूर्व माध्यमिक विद्यालय बेल्हा मेजा की रीना मालवीय 24 मई 2016, एवं प्राथमिक विद्यालय बालाडीह होलागढ़ की पुष्पा अग्निहोत्री 21 नवंबर 2016 से विद्यालय नहीं आ रही थी। नोटिस मिलने पर इन दोनो शिक्षिकाओं ने बीएसए कार्यालय में आकर अपना स्पष्टीकरण दिया है। इनके अतिरिक्त 30 शिक्षकों में कई ऐसे हैं जो 2010 से निरंतर गैर हाजिर चल रहे थे।

बीएसए के अनुसार धनुपुर ब्लाक के बर्खास्त किए गए शिक्षकों में प्रिया जायसवाल सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय बेलहरा, र}ेश कुमार सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय हरिपुर, आशीष तिवारी प्राथमिक विद्यालय जगुआ, सनू चौधरी प्राथमिक विद्यालय मिश्री, अरविंद कुमार प्राथमिक विद्यालय रानीपुर, रीता यादव, सहायक अध्यापिका प्राथमिक विद्यालय शकलपुर, अंजूरानी प्राथमिक विद्यालय रेथहू,, विनय कुमार प्रजापति प्राथमिक विद्यालय डांडी, आस्था श्रीवास्तव प्राथमिक विद्यालय बैजपुर अनुपमा मेहता, मूषपुर है। इसी प्रकार उरूवा ब्लाक के सुनील कुमार सिंह प्राथमिक विद्यालय अरई , कोरांव ब्लाक के विवेक कुमार उपाध्याय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़, अनिल कुमार पटेल, प्राथमिक विद्यालय माडो, अरविंद कुमार प्राथमिक विद्यालय नदौरा, उमर फारूक प्राथमिक विद्यालय बड़ोखर, रीता देवी प्राथमिक विद्यालय बरहुला,हंसराज जैसवार प्राथमिक विद्यालय गुलौर, नगरीय क्षेत्र मंजूलता वर्मा प्राथमिक विद्यालय बख्शीकला हैं।

इसी प्रकार कृष्ण कुमार मिश्र प्राथमिक विद्यालय गरुआ जसरा, मांडा ब्लाक के विजय कुमार सिंह प्राथमिक विद्यालय भरारी, आदेश कुमार प्राथमिक विद्यालय अहिराना, होलागढ़ ब्लाक की अनीता प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर, मधु आर्या प्राथमिक विद्यालय घांटी, सुनीता देवी प्राथमिक विद्यालय कचरा अहिरान,राशिलता प्राथमिक विद्यालय कमईपुऱ, शमा रानी, प्राथमिक विद्यालय जाजापुर, कौंधियारा ब्लाक के अंकित जायसवाल, प्राथमिक विद्यालय खिटिरिया, मीनाक्षी सिंह प्राथमिक विद्यालय गिघौरा, कीर्ति मिश्र प्राथमिक विद्यालय छोटी कांटी जसरा और पुष्पा यादव प्राथमिक विद्यालय गैलहन फूलपुर शामिल हैं।

फर्जी प्रमाणपत्र लगाने वालों का रोका गया वेतन 

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के स्कूली अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र की जांच में 16 फर्जी प्रमाणपत्र पाए गए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों के स्कूली अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र की जांच संबंधित विश्वविद्यालय से कराया था। संबंधित संस्थानों ने इन सभी के प्रमाणपत्र फर्जी बताए हैं। बीएसए ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। बीएसए संजय कुमार कुशवाहा के अनुसार अब तक की जांच में सोलह शिक्षकों के प्रमाणपत्र प्राथमिक तौर पर फर्जी पाए गए हैं। जांच कराई जा रही है।फर्जी प्रमाणपत्र लगाने वालों का रोका गया वेतन 1 जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के स्कूली अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र की जांच में 16 फर्जी प्रमाणपत्र पाए गए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों के स्कूली अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र की जांच संबंधित विश्वविद्यालय से कराया था। संबंधित संस्थानों ने इन सभी के प्रमाणपत्र फर्जी बताए हैं। बीएसए ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। बीएसए संजय कुमार कुशवाहा के अनुसार अब तक की जांच में सोलह शिक्षकों के प्रमाणपत्र प्राथमिक तौर पर फर्जी पाए गए हैं। जांच कराई जा रही है।

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